Friday, March 1, 2019

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मैं भी आप सबकी तरह ही एक बहुत बड़ी अन्तर्वासना-प्रशंसिका हूँ, मैं इसमें प्रकाशित होने वाली हर एक कहानी का लुत्फ उठाती हूँ क्यूंकि आजकल मेरा काम इन्टरनेट पर ज्यादा है, इसलिए मैंने भी अपना लैपटॉप खरीद लिया है और अब मुझे इन्टरनेट के जरिए आसानी से अपने उपभोक्ता से सम्पर्क करके अपनी मंजिल तक पहुँचने के लिए दलाल की ज़रूरत नहीं रही।
खैर !
मेरी उम्र अभी सिर्फ बाईस साल की है, मैं बी.ए (म्यूजिक) कर रही हूँ, कॉलेज के कार्यक्रमों में मेरी प्रस्तुति होती ही होती है पर मैं एक बहुत गरीब घर की लड़की थी, पिता का साया नहीं था, जब मैं आठ साल की थी, तब वो काम के लिए आबूधाबी गए लेकिन वापस नहीं आये। शुरु के दस महीनों के बाद ना कोई फ़ोन आता, ना चिट्ठी, ना पैसा।
हम तीन बहनें थी, हमारा भाई नहीं है, मेरा नंबर दूसरा है, बड़ी दीदी ने बी.ए में सिर्फ़ एक साल पढ़ाई की और फिर पैसों की तंगी के चलते वो छोटे मोटे काम देखने लगी ताकि मेरी और छोटी की पढ़ाई चलती रहे।
मुझे मालूम चल गया कि दीदी भी जिस कॉल सेंटर में काम करती थी, उसके साथ वो कुछ घंटे एक साइबर कैफे में भी जॉब करती थी। दीदी का रंग सांवला था, वो भी पैसे के लिए कॉल सेंटर के ज़रिये और साइबर कैफे में आने वाले कुछ अमीर मर्दों के साथ सो कर पैसा कमाती थी, माँ सिलाई का काम करती थी।
मुझे बचपन से नाचने का बहुत शौक था, स्कूल में भी मैंने इसमें पूरी रूचि लगे लगन के साथ रियाज़ करती, डांस करती।
मैं जैसे जैसे जवान होने लगी, जवानी मेरे ऊपर वक़्त से पहले और बहुत ज्यादा आने लगी। मैं इतनी खूबसूरत थी कि स्कूल में कई लड़के मुझ पर मरते थे, पतली सी कमर थी, मेरा सबसे बड़ा आकर्षण थे मेरे मम्मे, मेरी छाती जो बहुत तेज़ी से विकसत हुई। शुरु में मुझे अजीब लगता, जब जब बड़ी होती गई जानती गई कि हर लड़की को चाहत होती है कि उसकी फिगर मस्त हो और भगवान ने मुझे खूब ढंग से तराशा था, स्कूल के कुछ मर्द अध्यापक भी मुझे ललचाई नज़रों से देखने लगे, मुझे एहसास हुआ कि मेरे में कुछ है।
कॉलेज में जाते ही मेरा चक्कर चल निकला राहुल से ! वो बहुत बड़े घर का लड़का था, मैं एक गरीब घर से थी, वो जाट का बेटा, उसका बाप एम.एल.ए था। पहले हम सामान्य मिलने-जुलने लगे, फ़िर एक दिन उसने मुझे कहा कि कॉलेज से छुट्टी मार कर उसके साथ कहीं घूमने चलूँ।
मैं मान गई।
वो उस दिन अपनी लक्सरी कार में आया, कॉलेज के बाहर से मुझे लिया, मुझे लेकर वो शहर से बाहर अपने फार्महाउस गया। वहां उनका बहुत खूबसूरत घर था। मैं सपने देखने लगी।
तभी उसने मुझे हिलाया, बोला- कहाँ खो गई जान?
नहीं तो ! कहीं नहीं खोई !
उसने मुझे बाँहों में उठाया और अपने बेडरूम में ले गया।
यहाँ क्यूँ लेकर आए हो? राहुल, प्लीज़, ऐसा-वैसा मत करना ! यह सब शादी के बाद सही है !
माँ कसम ! मैंने यह सब दिल से उसको कहा, मैं नहीं चाहती थी कि मेरी वजह से माँ किसी मुसीबत में फंस जाए, मैं कहीं की ना रहूँ !
वो बोला- जान, तुम इतनी खूबसूरत हो कि शादी तक रुका नहीं जाएगा !
‘नहीं राहुल !’
लेकिन उसने मुझे बिस्तर पर गिरा लिया और मेरे बग़ल में लेटते हुए अपनी टांग मेरी जांघों पर रख कर मेरे बालों की लट को पीछे किया ऊँगली से, मेरी आँखों से होते हुए होंठों पर ऊँगली फेरते गर्दन से नीचे मेरी कमीज़ में हाथ घुसा दिया और मेरे मम्मे दबाने लगा।
‘राहुल, प्लीज़ छोडो और चलो यहाँ से !’
‘चुप ! हम जल्दी शादी कर लेंगे !’
उसने मेरी कमीज़ उतरवा दी और मेरा चेहरा शर्म से लाल हो गया। उसने सलवार के नाड़े को खींच दिया।‘नहीं राहुल ! यहाँ तक मत जाओ !’
वो मेरे होंठ चूसने लगा और सलवार खिसकाते हुए मेरे बदन से अलग कर फेंकी और अपनी शर्ट खोलने लगा।
उसकी छाती पर घने बाल थे, नीचे उसने अपनी बेल्ट खोली और जींस का बटन खोल अलग कर दी, अब वह सिर्फ अंडरवीयर में था। उसका अंडरवीयर फूला हुआ था। मेरा विरोध नज़र-अंदाज़ कर वो अपने काम में लगा रहा। ब्रा की हुक़ खोल कर उसने जब मेरे मम्मे देखे तो देखता रह गया, छोटे-छोटे गुलाबी चुचूक और गोलमोल थे।
उसने उसी पल मुँह में लेकर मेरा चुचूक चूसा, मेरे जिस्म में तरंग सी दौड़ने लगी, मेरा हाथ उसके बालों में चला गया। वो मेरे मम्मों से खेलने लगा, मुझे मजा भी आने लगा। साथ में उसका हाथ मेरी पैंटी में चला गया, वहाँ मेरे दाने को चुटकी में लेकर मसला तो मैं मचल उठी।
मैं उसका विरोध करना चाह रही थी, चाह रही थी कि उसको अपने से अलग कर दूँ मगर उसने मेरा पूरा मम्मा मुँह में ले लिया था, जिससे मुझे मजा आ रहा था, साथ-साथ वह लगातार मेरे दाने को रगड़ रहा था।
उसने मेरी पैंटी भी उतार फेंकी, उसने अपना अंडरवीयर उतार दिया, मेरे मम्मे चूसते हुए उसने अपने खड़े लौड़े को मेरे दाने पर रख रगड़ लगाई तो मैं मचल उठी। उसने मेरे मम्मे छोड़े, ऊपर आया और मेरे हाथ में अपना खड़ा लौड़ा पकड़ा दिया।
मैंने पहली बार किसी मर्द का लौड़ा हाथ में लिया था- प्लीज़ मुझे छोड़ दो !
‘कुछ नहीं होगा ! डर मत रानी !’
अपने लौड़े के सुपारे को मेरे गुलाबी होंठों पर फेरा, बोला- मुँह खोल !
‘नहीं नहीं !’
उसने मेरा मुँह खुलवा कर ही दम लिया और बोला- चल चूस जैसे लॉलीपोप चूसते हैं।
मैं ना चाहते हुए उसके लण्ड को चूसने लगी, मुझे उलटी आने को हुई तो मैंने लौड़ा अपने मुख से निकाल दिया।
उसने दो मिनट मेरी चूत चाटी, जुबान से दाने को छेड़ा और फिर टांगें खुलवा बीच में आ बैठा।
और अपना सुपारा मेरी फ़ुद्दी के छेद पर लगाया और दबा दिया।
तीखी टीस निकली, मेरी मानो जान निकल गई- छोड़ दो मुझे !
लेकिन वो माहिर खिलाड़ी था, उसने धीरे धीरे करके अपना लौड़ा मेरी योनि में उतारना जारी रखा, देखते ही उसने अपना पूरा लौड़ा घुसा दिया और रुकते हुए बोला- अभी तुझे राहत मिल जाएगी !
उसने लौड़ निकाला, फिर डाला, निकाला-डाला।
मुझे अच्छा लगने लगा तो उसने स्पीड तेज़ कर दी।
कुछ ही देर में मैं खुद उकसाने लगी अपने कूल्हे उठा उठा कर !
बोला- देखा ! दिखी न जन्नत ! हाय क्या चूत है ! देख मेरे लौड़े ने इसका खून पी लिया !
क्या खून निकला है?
हाँ रानी ! आज जाट ने तेरी सील तोड़ डाली।
कहीं धोखा तो नहीं दोगे?
कभी नहीं !
आधे घंटे के बाद दोनों हांफ़ने लगे, उसका काम तमाम हो गया, मेरा भी !
अलग हुए, कपड़े पहने, बाल ठीक करके उसके साथ वापस शहर लौट आई।



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हाय फ्रेंड्स कैसे हो आप सभी लोग ? मुझे उम्मीद है आप सभी लोग ठीक ही होगे | आप सभी लोग चुदाई का मज़ा तो ले ही रहे होगे और तब तक चुदाई करते होगे जब तक लडकी की चीख न निकाल देते हो | मैं आशा करता हूँ की आप सभी लोग ऐसे ही खुश रहें और सबको खुश रखे | आज मैं आप लोगो के सामने अपनी एक कहानी को लेकर आया हूँ | ये मेरी पहली कहानी है और मेरे जीवन की सच्ची कहानी | मैं कहानी प्रस्तुत करने से पहले अपने बारे में बता देता हूँ | मेरा नाम दिवाकर रस्तोगी है | मेरी उम्र 29 साल है | मैं रहने वाला चंडीगढ़ का हूँ | मेरी पढाई पूरी हो गयी है और मैं एक कम्पनी में सॉफ्टवेर इंजिनियर हूँ | मेरी हाईट 6 फुट 2 इंच है | मेरे लंड का साइज़ 6 इंच लम्बा और मोटा 2 इंच है | मैं दिखने में काफी गोरा हूँ और मेरी बॉडी भी ठीक ठाक है जिससे मैं दिखने में भी स्मार्ट लगता हूँ | आज जो मैं कहानी बताने जा रहा हूँ मुझे उम्मीद है की आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आयेगी और इस कहानी को पढने में आप लोगो को मज़ा भी आयेगा | मैं आप लोगो का ज्यादा समय न लेते हुए सीधे अपनी कहानी पर आता हूँ |
                                                       

ये कहानी अभी कुछ दिन पहले की है जब मैं एक कम्पनी में जॉब करता था | मैं जिस कम्पनी में काम करता हूँ उस कम्पनी में लडकियाँ भी काम करती है | कम्पनी में एक से एक मस्त लड़की जॉब करती हैं पर साली कोई भाव ही नही देती है इसलिए मैं रोज किसी न किसी लड़की पर लाइन मारा करता था | पर जिस लड़की को पर्पोजे करो उस लड़की का बॉयफ्रेंड पहले से होगा या ये बोलेगी नही जी मैं आप से दोस्ती नही कर सकती मुझे तो घर से बाहर किसी से बात करना भी मना है | ये बाते सुन सुन कर मैंने अब लड़कियों को पटाना ही छोड़ दिया है और अब मैं सिर्फ अपने काम पर ही ध्यान देता हूँ | किसी भी लड़की को अपनी लाइफ में नही आने देने देता हूँ और मैं ऐसे ही खुश हूँ | एक दिन की बात है जब मेरे बॉस ने मुझे शूटिंग के काम से गोवा जाने के लिए कहा तो मैंने भी हाँ कह दिए | उसके बाद बॉस ने बताया की तुम्हारे साथ 8वे फ्लोर की एक लड़की भी जाएगी और वहां तुम्हे 7 दिन का टूर है वहां तुम्हे 7 दिन घूमना है और शूटिंग करनी है | फिर मैं ये सोचने लगा की लड़की अच्छी न हो क्यकि मैंने अब सोचा लिया था की कोई लड़की को अपनी लाइफ में नही आने देना है इसलिए मैंने उसे कॉल भी नही की और फिर दुसरे दिन मुझे एक कॉल आई |
मैं – हेल्लो कौन ?
वो – आप दिवाकर हो ?
मैं – हाँ | आप कौन हो ?
वो – मेरा नाम दीपाली है और मुझे आप के साथ 7 दिन के टूर पर जाना है तो मैंने सोचा की आप से बात कर लेती हूँ और मेरा नम्बर आपके पास नही था क्या?
मैं – था पर क्यू ?
वो – लड़की का नम्बर पाते ही लड़के लोग कॉल करने लगते हैं पर आपने क्यू नही की कॉल ?
मैं – मुझे लड़कियों से बात करना पसंद नही है इसीलिए नही किया था | ओके ठीक है तुम कल तैयार रहना सुबह ही निकलना है |
वो – ठीक है तैयार हो जाउंगी |
फिर मैंने खुद ही फ़ोन कट कर दिया और खाना खाकर सो गया | जब मैं सुबह उठा तो देखा की दीपाली के 2 मिसकॉल पड़ी थी और एक मैसेज था की किस टाइम घर से निकलोगे | तब मैंने उसे एक मैसेज किया और मैसेज में लिखा की 11 बजे के बाद | फिर मैं नहा कर तैयार हो गया और नास्ता किया उसके बाद मैंने अपने कपडे बेग में पैक किया और उसको एक मैसेज किया की मैं निकल रहा हूँ | तब 2 मिनट बाद मैसेज आया की ओके मैं भी निकल रही हूँ | फिर मैं घर से निकल गया और जब मैं बस स्टेंड पर पंहुचा तब मैंने उसे मैसेज किया और पूछा कहाँ हो तुम तब उसने कहा मैं तो बस स्टेंड पर ही हूँ | मैंने उसे देखा था नही कभी और मुझे ये भी नही पता था वो किसी दिखती है उसने मुझे कॉल की और बोली की तुम किस जगह पर खड़े हो तब मैंने उसे अपनी जगह बताई और मुझे एक लड़की सामने दिखी वो दिखने में मस्त लग रही थी | तब मैंने सोचा यही तो नही है और फिर उसने मुझसे पूछा की तुमने किस कलर के कपड़े पहने है तो मैंने उसे अपने कपड़े का कलर बताया तो वो ही लड़की मेरे पास चल कर आई और बोली हाय मैं दीपाली उसको देखकर मेरे तो होश ही उड़ गए | वो दिखने में इतनी गोरी थी और बहुत सुन्दर भी मैं ये सोच रहा था की ये उसी कम्पनी में जॉब करती है जिस कम्पनी में मैं करता हूँ  और ये मुझे आज तक दिखी ही नही | उसके बाद हम बस में बैठ गये और कुछ ही देर में बस भी चल पड़ी तो मैंने भी हेडफोन लगा लिया और गाने सुनने लगा | तब वो मुझसे बोली एक बात पूछो आप से तो मैंने कहा पूछो तब वो बोली आपका स्भाव अच्छा है | मैंने कहा वो क्यू तो वो बोली की आपके पर इतनी सुन्दर लड़की बैठी है और मुझसे बात करने के वजह आप गाने सुन रहे हो | तब मैंने उसे बताया की मुझे लड़कियों से बात करना नही अच्छा लगता है इसीलिए मैंने आप को अभी तक कॉल नही की थी | हम ऐसे ही बाते करते रहे फिर सो गए |
जब मेरी आंख खोली तो मैंने देखा की हम गोवा पहुचने वाले ही थे | फिर गोवा पहुचने के बाद हम दोनों लोग होटल गए | फिर उसके दुसरे दिन हम घुमने गए और उस दिन मैंने कुछ विडियो शूट किये | इस तरह से मैं और दीपाली एक साथ में काम कर रहे थे | इस तरह से 3 दिन निकल गए पता ही नही चले दीपाली के साथ दिन का तो पता ही नही चलता था | फिर हम दोनों लोग एक रेस्टोरेंट से खाना खाकर अपने रूम में गए तो वो बेड पर लेट गयी और मैं सोफे पर लेट गया और सो गया | जब मैं सुबह उठा तो देखा की वो मुझसे पहले उठ गयी है और वो मेरे लिए चाय भी मंगा ली हैं मैं चाय पिने के बाद तैयार हो गया | फिर हम घुमने चले गए और उस दिन मैं और दीपाली बीच पर घुमने गए और वहां पे हमने शूटिंग की और वो मुझे पसंद भी करने लगी थी | मुझे भी उससे प्यार हो गया था मुझे पता ही नही चला की मुझे दीपाली से कब प्यार हो गया और इस तरह से आज 5 दिन हो गए थे | फिर रात हो गयी तो मैं और दीपाली अपने होटल के रूम में जाके खाना खाने के बाद में सोफे पर लेटने के लिए जा ही रहा था की उसने मुझसे कहा यहीं लेट जाओ तो मैंने उससे कहा नही वहां नही लेट सकता अगर कुछ गलत हो गया तो |
तब वो मेरे पास आकर मेरी होठो पर किस करके बोली इससे ज्यादा कुछ नही होगा आओ लेट जाओ | तब मैं बोला इससे ज्यादा भी हो सकता है | वो बोली ठीक  है जानू ओके लेट जाओ तब मैं जाके उसके साथ लेट गया | वो अपनी कमर मुझे दिखा रही थी तो मुझे अपने आप पर कन्ट्रोल नही हो रहा था तो मैं अपने हाथ को एक बार उसके कमर तक ले गया और फिर वापस कर लिया | तब वो मेरे हाथ को पकड कर अपनी कमर पर रख कर बोली की इतना मौका अगर किसी और लड़के को देती तो वो मेरे साथ सब कुछ करता | फिर वो मेरी तरफ घूम गयी तो मैंने भी बिना डरे उसकी होठो पर अपनी होठो रख दी और उसकी कोमल होठो को चूसने लगा | वो भी मेरी होठो को चूसने लगी | मैं उसकी होठो को चूसने के साथ में उसके बूब्स को कपड़े के अन्दर हाथ को डाल कर दबाने लगा था | उसके बूब्स गोल चिकने और मस्त थे मैं उसकी होठो को ऐसे ही 5 मिनट तक चूसता रहा | फिर मैंने उसके कपडे निकाल दिए और वो मेरे सामने एकदम नंगी हो गयी क्यकि उसने ब्रा और पेंटी नही पहनी थी | मैं उसके बूब्स को मुंह में रख कर जोर जोर से चूसने लगा | उसे बूब्स बहुत चिकने थे और मस्त थे | मैं उसके निप्पल को मुंह से पकड कर खीच खीच कर चूस रहा था | मैं उसके बूब्स को ऐसे ही 10 मिनट तक चूसता रहा | फिर मैंने अपने कपड़े निकाल कर अपने लंड को उसके हाथ में पकड़ा दिया तो वो मेरे लंड को पकड कर हिलाती हुई मुंह में रख कर चूसने लगी | मैं अपने लंड को उसके मुंह में अन्दर बाहर करते हुए चूसने लगा | वो मेरे लंड को ऐसे ही 5 मिनट तक चूसती रही फिर मैंने उसकी टांगो को फैला कर उसकी चूत में अपने मुंह को घुसा कर उसकी चूत को चाटने लगा तो उसके मुंह से ऊई उई… हाँ हाँ हाँ.. सी सी सी.. ऊऊउ ईईईईई आआआआ… की सिसिकियाँ लेने लगी | मैं उसकी चूत में अपनी ऊँगली को भी घुसा कर जोर जोर से अन्दर बाहर करने लगा तो वो मचल गयी और बोली अब इतना भी न तड़पाओ तब मैंने अपने लंड को उसकी चूत के ऊपर रख दिया उसकी चूत गीली थी जिससे एक ही धक्के में चूत में पूरा लंड घुस गया | मैं उसकी चूत में लंड को जोर जोर से अन्दर बाहर करने लगा जिससे उसके मुंह में उई उई उई अहह ऊह्ह ओह्ह उई माँ.. उई माँ .. उई उई माँ … की आवाजे करने लगी | ये आवाजे सुनकर में उसकी चूत में और तेज धक्को के साथ उसको चोदने लगा | वो उई उई हाँ हाँ… हु हु हु हु… सी सी सी.. उई मई उई मई.. करती हुई चुदने लगी | मैं उसको ऐसे ही जोरदर धक्को के साथ उसको 15 मिनट तक मस्त चुदाई की फिर मैं झड गया | मैंने उसकी इतनी भयानक चुदाई की थी की दीपाली को चलने में भी परेशानी हो रही थी | फिर हम दोनों 7 दिन बाद वापस चले आये |





Monday, December 24, 2018

biwi ki chudai | antarvasna

सभी दोस्तों को मेरा नमस्कार, मैं आपको मेरी वाईफ से सेक्स की कहानी सुनाने जा रहा हूँ, जिसमें किसी भी तरह के झूठ या शक की कोई गुंजाइश ही नहीं है.
मेरी उम्र 25 साल है और बीवी की 22 साल है. उसका फिगर साइज 32-25-32 का है, जो काफी हॉट है. मेरे लंड का साइज नॉर्मल ही है.
              
  शादी के पहले मैं सिर्फ उसके बोबे दबाता था और चूमाचाटी होती थी, सुहागरात में भी यही सब कुछ हुआ, बस मैं उसे चोद नहीं पाया. लेकिन शादी के कुछ दिन बाद जो चुदाई चालू हुई, तो बस रात दिन ठुकाई ही होती रही. उसको मैंने एकदम चुदक्कड़ बना दिया.
अब एक दिन हमने फिर से सुहागरात मनाने का प्लान किया. उस रात मैंने खुद अपने कमरे को मस्त सजा दिया और उसको जैसे ही रूम में लाया, वो खुशी के मारे रो पड़ी, उसकी आंखों में आंसू आ गए. फिर मैंने उसे कास के अपनी बांहों में जकड़ लिया और उसको नाईटसूट पहनने को कहा, वो बाथरूम में जाकर एक झीना सा गाउन पहन कर आ गई.
इस वक्त वो क्या माल लग रही थी यार.. वैसे ही वो दुबली पतली है.. उसका एक एक अंग तराशा हुआ सा है. उसके बोबे और गांड के पहाड़ कमाल के उठे हुए हैं.
मैं उसको तुरंत बिस्तर पर ले आया और उसके साथ किस्सम-किस्सी चालू कर दी. मैं उसके पूरे होंठों को मुँह में लेकर चूस रहा था. वो भी कम नहीं थी, चुसाई का पूरा मज़ा ले रही थी. अब मैं उसके पूरे चेहरे को चूसने लगा. साथ ही उसके तने हुए बोबले दबा रहा था. मैंने उसके गाउन के अन्दर से एक बूब बाहर निकाला और मुट्ठी में भर के दूध दबाने लगा.
वो एकदम चुदासी हो गयी और बोली- आह.. अब रहा नहीं जाता डियर.. जल्दी से डाल दो.
लेकिन मैं उसको और तड़पाने में लगा रहा.. आज मैं उसकी जवानी को तरसा तरसा कर चोदने के मूड में था. इतनी जल्दी लंड पे कर चुदाई करने में मुझे आज मजा आता नहीं दिख रहा था.
मैंने उसके गाउन को ऊपर से दोनों कंधों से सरका कर ऊपरी हिस्सा ओपन कर दिया. उसके दोनों कबूतर बाहर निकल आए थे. वो मेरी गोद में बैठ हुई अपने चूचे मसलवाने का मजा ले रही थी. मैंने कुछ पल बाद उसको सीधा लेटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गया. मैंने उसके दोनों बोबों को अपने दोनों हाथों में थामे हुए थे. बस मैं उसके ऊपर किसी भुक्कड़ की तरह टूट पड़ा और दोनों मम्मों को भींच कर दबाता और हॉर्न जैसे दबा दबा कर चूसता जा रहा था. कभी कभी तो मैं उसके दूध इतनी ज़ोर से दबा देता कि उसकी चीख निकल जाती. उसके तने हुए गुलाबी निप्पलों को मैं ओने होंठों में दबा दबा कर चूस रहा था और गोले दबा कर उसकी चूची का रस निकालने की कोशिश कर रहा था.
वो फिर चुदासी सी बोली- आह.. प्लीज़ डाल दो न.मैं बोला- अभी तो तड़पाऊंगा तुझे मेरी जान..
बस मैं यूं ही उसके बोबों को नोचता रहा और वो तड़पती रही.
हम दोनों ने काफी देर तक बिना सेक्स किये.. यूं ही मस्ती की. इसी खेल में उसकी चूत पता नहीं, कितनी बार झड़ गयी थी. अब मुझे उस पर थोड़ा तरस आया और मेरा लंड भी चूत की डिमांड करने लगा था. मैं थोड़ा नीचे आया और उसके पेट को चूसता रहा.
वो फिर बोली- प्लीज़ यार.. अब तो चोद दो.. क्या लंड में जंग लग गई है?
उसके मुँह से इतना सुनते ही मैं कंट्रोल बाहर हो गया और मैंने अपनी वाइफ को सेक्स के लिए पूरी नंगी कर दिया. मैं भी पूरा नंगा हो गया. मेरा लंड उसकी चूत में जाने के लिए एकदम तैयार था.
अब मैं उसकी चूत पर हाथ फेर रहा था, जो एकदम गीली थी. वो टांगें खोल कर चुत उठाते हुए बोली- अब डालो भी यार.
मैंने उसके हाथ में अपने खड़े लंड को पकड़ा दिया और लंड चूसने को कहा.
वैसे आम दिनों में वो मेरा लंड चूसने से मना कर देती है.. कभी कभी ही लंड को मुँह लेती है. मगर आज उसकी चुत को लंड की दरकार हद से ज्यादा थी. इसलिए उस दिन उसने मेरे एक बार कहने पर ही उठा कर लंड को तुरंत ही अपने मुँह में भर लिया और गपागप चूसने लगी. कुछ देर लंड चूसने के बाद उसने लंड बहर निकाल दिया और बोली- अब मेरी चुत में डालो.
मैं उसकी चुत के पास चुदाई की मुद्रा में आ गया. मैंने लंड पर तेल लगाया, लंड एकदम टाइट होकर गुर्रा रहा था. मैंने लंड के लिए तड़प रही उसकी चुत पर सुपारा रखा और फांकों को लंड से सहलाने लगा. वो चुत फैलाए एकदम तड़प रही थी और उसकी वासना देख कर साफ़ लग रहा था कि वो लंड घुसने के इन्तजार में कैसे आतुर सी हो रही थी, उसकी चुत भी ऐसे लपलप कर रही थी जैसे बस अभी फक्क से लंड घुसेगा और सुकून मिल जाएगा.
मैंने भी देर न करते हुए चुत के छेद पर लंड को टिका कर एक जोरदार मस्त धक्का लगा दिया. मेरा लंड एक ही झटके में आधा अन्दर घुस गया.
वो बहुत जोर से चिल्लाई, मैं उसके बोबों को दबाने लगा और फिर से एक धक्का लगा दिया. अब मेरा पूरा लंड चुत में घुस गया था. उसको दर्द बहुत हो रहा था. मैंने उसके होंठों को किस किया.. कुछ देर में वो नॉर्मल हो गई.
फिर मैंने धक्के लगाने चालू किये, वो तो मानो मूड में आ गई.. ‘यस यस..’ करने लगी. उसके मुखड़े पर खुशी साफ छलक रही थी. उसने अपने पैरों को कुछ बाँध से लिए थे, मैंने उसके पैर ठीक से फैला दिए और मस्त चोदना चालू कर दिया.
मैं उसकी चूत में घपाघप धक्के लगाता जा रहा था. वो ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ चिल्ला कर मज़ा ले रही थी. चोदते वक़्त उसके मम्मे ज़ोर से हिल रहे थे, जो मुझे बहुत अच्छे लग रहे थे. मैंने उसके बोबले पकड़ लिए और चुदाई जारी रखी.
अभी 5 मिनट ही हुए थे कि मेरा माल निकलने वाला था. मैंने लंड बाहर निकाला और सारा वीर्य उसके बोबों पर छोड़ दिया.
लेकिन वो अभी बहुत प्यासी थी क्योंकि उसका पानी पहले भी निकल चुका था, जबकि मेरा नहीं निकला था. मैं झड़ जरूर गया था.. लेकिन मेरा अभी भी मन नहीं भरा था. मैंने सब साफ किया और तुरंत उसने भी मेरा लंड चूस कर जल्दी से खड़ा कर दिया, मैंने दुबारा से उसकी चुत में लंड घुसा कर उसको ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा.
वो भी मस्ती में मेरा पूरा लंड ले रही थी. इसके बाद मैंने उसके पैरों को अपने कंधे पर रखे और पूरा लंड चुत की जड़ तक पेल कर उसकी चुदाई चालू कर दी. सच में वो बहुत बड़ी चुदक्कड़ बन गई थी. उसके फेस पर चुदाई की भूख साफ दिख रही थी.
फिर मैंने उसको मेरी फ़ेवरिट पोज़िशन में आने को कहा, वो समझ गई और तुरंत डॉगी स्टाइल में आ गई. उसने अपनी गांड को चुदाई के लिए मस्त सैट कर दी और लंड घुसने का इंतज़ार करने लगी.
मैंने चुत में लंड सैट किया और धक्का लगा दिया.. लंड पक्क से चूत में घुस गया. उसकी हल्की सी आह निकली और बस वो लंड का मजा लेने लगी.
मैं अपनी बीवी की गांड का बहुत बड़ा फैन हूँ. क्या मस्त चिकनी और गोल गांड है.. हाथ फेरने में आनन्द आ जाता है.
इस वक्त उसकी गांड के दोनों फलक मेरे हाथ में थे. मैं उसकी गांड पकड़ कर उसे धकापेल चोदने लगा. वो भी कम नहीं थी, साली गांड उछाल उछाल कर लंड ले रही थी. मैं उसके चूतड़ों पर थप्पड़ मारता जा रहा था.. जो मुझे डॉगी स्टाइल में करना बहुत पसंद है. उसको भी अपने चूतड़ लाल करवाने में बड़ा मजा आता था.
मैं बहुत जुनून में ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत को चोद रहा था और वो भी गांड हिला हिला कर लंड ले रही थी. वो बहुत थक गई थी, लेकिन अब भी लंड की भूखी थी.
इस वक्त मैं दोनों हाथों से गांड को सहलाते हुए चुदाई कर रहा था.. तभी मैंने लंड के शॉट रोक दिए. वो मुड़ के देखने लगी कि रुक क्यों गए. उसके चेहरे पर लंड की प्यास नज़र आ रही थी. जबकि इस बार भी वो दो बार झड़ चुकी थी. मैंने फिर से उसकी गांड पकड़ी और चोदना चालू कर दिया. उसने भी गांड हिलानी चालू कर दी.
फिर मैं झड़ने वाला था, मैंने स्पीड बढ़ाई और जैसे ही निकलने को आया, मैंने लंड बाहर निकाला और गांड के ऊपर छोड़ दिया.
इसके बाद मैंने लंड साफ किया. इस बार ये राउंड दस मिनट चला था.
इसके बाद वो सीधी लेट गई और उसने पैर फैला दिए.. क्योंकि उसकी फ़ेवरिट चुदाई अभी बाकी थी. इस पोजीशन में हम एकदम फ़ास्ट स्पीड में चुदाई करते हैं.. जो उसे बहुत पसंद है. इसी चुदाई में मैं उसको चरम पर पहुंचा देता हूं. इसलिए ये पोजीशन उसकी फ़ेवरिट है.
अब चुदाई का तीसरा राउंड फाइनल स्टेज वाला राउंड था. मेरा लंड फिर से टाइट हो गया था. उसकी चुत तो पता नहीं कितनी बार झड़ गयी थी, लेकिन मेरी बीवी अब भी लंड के लिए प्यासी थी. उसके चेहरे पर खुशी छलक रही थी, जो उसकी फ़ेवरेट चुदाई वाली ख़ुशी थी.
मैंने लंड चुत पर रखा और धक्का लगा दिया. दो बार की चुदी चूत में पूरा लंड फक्क से अन्दर तक घुस गया. मैं उसके ऊपर छा गया और उसने भी अपने पैर अच्छे से फैला दिए. मैंने उसके कंधे को कस के पकड़ा और उसने भी मेरे कंधे को जकड़ लिया. इस आसन की चुदाई में मैं बिल्कुल भी नहीं रुकता हूँ.. जब तक कि उसका ऑर्गइज्म ना हो जाए. हम दोनों इस आसन में इतना फ़ास्ट चुदाई करते हैं कि हमारा बेड हिलने लगता है.
तो हम दोनों ने एक दूसरे को जोर से पकड़ लिया. मैंने उसकी आँखों में देखा तो वो बोली- हां राजा चालू करो.
मैंने उसको एक किस किया और धक्के लगाना चालू किया और नॉनस्टॉप ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा. वो भी ‘आह आह..’ करने लगी.‘आह बाबू और फ़ास्ट और फ़ास्ट वाओ बाबू फ़ास्ट.. आह लव यू बाबू.. आह..’
मैं उसको इतनी जोर से चोद रहा था कि लग रहा था जैसे आज इसकी चुत फट कर भोसड़ा बन जाएगी. वो भी मस्ती से गांड उठा उठा कर लंड ले रही थी.
फिर करीब दस मिनट के बाद उसका होने को आया, वो बोली- यस यस बेबी यस आह फ़ास्ट आह बेबी..
मैं समझ गया कि अब इसका ऑर्गज्म होगा. मैं जुनून में बहुत जोर से चोदने लगा. वो ‘आह आह ओह्ह बाबू आह आह..’ करने लगी और उसकी आंखें बंद हो गईं.. वो झड़ गई.
मैं लंड को चुत में ही रख के उसके ऊपर ही लेटा रहा. वो 10 मिनट के बाद उठी, तो बहुत खुश थी. उसने मुझे किस किया.. जो मेरा ईनाम था.